Lipi

CBSE Class 11 · Hindi 1st Language · आरोह भाग 1

रजनी

Chapter summary, hard words and model exam answers for CBSE Class 11 Hindi.

Free online summary and notes for Aroh (CBSE Class 11 Hindi). Read it here, no PDF download needed.

About the author

Mannu Bhandari

Summary

लोकप्रियता कभी भी रचना का मानक नहीं बन सकती। असली मानक तो होता है रचनाकार का दायिऋवबोद्] उसके सरोकार] उसकी जीवन-द्ष्टि। (एक कहानी यह भी) मन्नू भंडारी तीन निगाहों की एक तस्वीर] यही सच है] तिाशंकु] आँखों देखा झूठ (कहानी-संग्रह)_ आपका बंटी] महाभोज] स्वामी] एक इंच मुस्कान (राजेंद्र यादव के साथ) (उपन्यास) पटकथाएँः रजनी] निम़ला] स्वामी] दप़ण इनका निद्न २०२१ में हुआ। अकादमी और उटार प्रदेश हिंदी संस्थान }ारा पुरस्कृत मन्नू भंडारी हिंदी कहानी में उस समय सक्रिय हुएं जब नई कहानी आंदोलन अपने उठान पर था। नई कहानी आंदोलन (छठा दशक) में जो नया मोड़ आया उसमें मन्नू जी का विशेषा योगदान रहा। उनकी कहानियों में कहीं पारिवारिक जीवन] कहीं नारी-जीवन और कहीं समाज के विभिन्न वगोएं के जीवन की विसंगतियाँ विशेषा आऋमीय अंदाज में अभिव्यक्त हुई हैं। उन्होंने आक्रोश] व्यंग्य और संवेदना काे मनोवैज्ञानिक रचनाऋमक आधर दिया है वह चाहे कहानी हो] उपन्यास हो या फिर पटकथा ही क्यों न हो।

Section 1 of 'रजनी' by Mannu Bhandari. Read the Hindi passage; use Words tab for hard words.

यहाँ आप मन्नू जी }ारा लिखित एक पटकथा पढ़ने जा रहे हैं। पटकथा] यानी पट या स्क्रीन के लिए लिखी गई वह कथा रजत पट (पि़्ाफल्म का स्क्रीन) के लिए भी हो सकती है और टेलीविजन के लिए भी। मूल बात यह है कि जिस तरह मंच पर खेलने के लिए नाटक लिखे जाते हैं] उसी तरह वैफमरे से पि़्ाफल्माए जाने के लिए पटकथा लिखी जाती है। काेई लेखक किसी भी दूसरी विध में लेखन करके उतने लोगों तक अपनी बात नहीं पहुँचा सकता] जितना की पटकथा लेखन }ारा_ क्योंकि पटकथा शूट होने के बाद धरावाहिक या पि़्ाफल्मों के :प में लाखों-करोड़ों दश़काें तक पहुँच जाती है। इस लोकप्रियता के चलते ही पटकथा लेखन की ओर लेखकाें का भी पया़प्त #झान हुआ है और पता-पतिाकाओं तथा पुस्तकाें में भी पटकथाएँ छपने लगी हैं। प्रस्तुत पाठ में रजनी धरावाहिक की एक कड़ी दी जा रही है। रजनी पिछली सदी के नवें दशक का एक बहुचचि़त टी-वी- धरावाहिक रहा है। यह वह समय था जब हमलोग और बुनियाद जैसे सोप ओपेरा दूरदश़न का भविष्य गढ़ रहे थे।

Section 2 of 'रजनी' by Mannu Bhandari. Read the Hindi passage; use Words tab for hard words.

बासु चटजी़ के निदे़शन में बने इस धरावाहिक की हर कड़ी अपने में स्वतंता और मुकम्मल होती थी और उन्हें आपस में गूँथनेवाली सूता रजनी थी। हर कड़ी में यह जुझा: और इंसाप़्ाफ-पसंद स्ताी-पाता किसी न किसी सामाजिक- राजनीतिक समस्या से जूझती नजर आती थी। प्रस्तुत अंश भी व्यवसाय बनती शिक्षा की समस्या की ओर हमारा धयान खींचता है। रजनी (मधयवगी़य परिवार के क़लैट का एक कमरा। एक महिला रसोई में व्यस्त है। घंटी बजती है। बाई दरवाजा खोलती है। रजनी का प्रवेश।) रजनी ः लीला बेन कहाँ हो…बाजार नहीं चलना क्या\ लीला ः (रसोई में से हाथ पोंछती हुई निकलती है) चलना तो था पर इस समय तो अमित आ रहा होगा अपना रिजल्ट लेकर। आज उसका रिजल्ट निकल रहा है न। (चेहरे पर खुशी का भाव) रजनी ः अरे वाह! तब तो मैं मिठाई खाकर ही जाऊँगी। अमित तो पढ़ने में इतना अच्छा है कि प़्ाफस्ट़ आएगा और नहीं तो सेकंड तो कहीं गया नहीं। तुमकाे मिठाई भी बढि़या खिलानी पड़ेगी…सूजी के हलवे से काम नहीं चलने वाला] मैं अभी से बता देती हूँ।

Section 3 of 'रजनी' by Mannu Bhandari. Read the Hindi passage; use Words tab for hard words.

लीला ः (हँसकर) नहीं-नहीं] मैं तुम्हें अच्छी मिठाई ही खिलाऊँगी…मैंने पहले से ही मँगवाकर रखी है केसरिया रसमलाई। अमित काे बहुत पसंद है न। रजनी ः देखा ¿¿! मुझे अपने घर में ही केसर की सुगंधा आ गई थी। बाजार का तो मैं बहाना करके चली आई वरना तुम तो मुझे काट ही देतीं। लीला ः वैफसी बात करती हो\ मैं एक बार काट भी दूँ] लेकिन अमित! अपने मुँह में डालने से पहले रसमलाई लेकर तुम्हारे क़ लैट में दौड़ता। मैं काेई भी चीज घर में बनाऊँ या बाहर से लाऊँ] अमित जब तक तुम्हारे भोग नहीं लगा लेता] हम लोग खा थोड़े ही सकते हैं। रजनी आंटी तो हीरो हैं उसकी। (दोनों खिलखिलाकर हँसती हैं) रजनी ः बहुत मेधावी बच्चा है अमित…तुम देखना तो] आगे जाकर क्या बनता है! लीला ः बस] सब तुम्हारा ही आशीवा़द है। (फिर घंटी बजती है। लीला एक तरह से दौड़ते हुए दरवाजा खोलती है। अमित का प्रवेश। रोज की तरह भारी बस्ते की जगह एक हल्का-सा थैला है।) रजनी ः (अमित काे बाँहों में भरने के लिए दोनों बाँहें पैफलाते हुए आगे बढ़ती है।) कांग्रेचुलेशंस अमित।

Section 4 of 'रजनी' by Mannu Bhandari. Read the Hindi passage; use Words tab for hard words.

बधाई देने के लिए रजनी आंटी पहले से मौजूद हैं। (अमित का चेहरा उतरा हुआ है] पर दोनों में से अभी तक उसपर किसी का धयान नहीं गया। अमित आँसू भरी आँखों से थैले में से रिपोट़ निकालकर माँ की ओर प्ोंफकते हुए।) अमितः लो…लो…देखो] क्या हुआ है मेरे रिजल्ट का। मैंने कितना कहा था कि मैथ्स में भी मेरी ट्यूशन लगवा दीजिए] वरना मेरा रिजल्ट बिगड़ जाएगा। बस वही हुआ। मैथ्स में ही तो पूरे नंबर आ सकते हैं] रिजल्ट बन-बिगड़ सकता है। रिपोट़ रजनी देखने लगती है। (लीला उसे अपनी बाँहों में भरकर) लीला ः पर तू तो सारे सवाल ठीक करके आया था। यहाँ आकर पापा के सामने तूने फिर से किया था अपना सारा पेपर। सब तो ठीक था। तेरे पापा ने नहीं कहा था कि चार-पाँच नंबर भले ही काट ले सप़्ाफाई-वप़् फाई के पर नाइंटी-प़् फाइव तो तेरे पक्के हैं। रजनी ः (रिपोट़ देखते हुए) पर मिले तो कुल बहटार ही हैं।

Section 5 of 'रजनी' by Mannu Bhandari. Read the Hindi passage; use Words tab for hard words.

(फिर दूसरे विषायों के नंबर भी पढ़ने लगती है इंगलिश ८६] हिस्ट्री ८०] सिविक्स ८८] हिंदी ८२] ड्राइंग ९०…सबसे कम मैथ्स में ही।) अमितः (गुस्से और दुख से) कम तो होंगे ही। ट्यूशन नहीं लेने से मिलते हैं कहीं अच्छे नंबर\ सर तो बार-बार कहते ही थे कि ट्यूशन कर लो] ट्यूशन कर लो वरना फिर बाद में मत रोना। (रो पड़ता है) लीला ः (अपराधाी की तरह सप़्ाफाई देते हुए) तुझे अंग्रेजी काे लेकर थोड़ी परेशानी थी सो अंग्रेजी में करवा दी थी ट्यूशन। अब दो-दो विषायों की ट्यूशन…फिर लंबी-चौड़ी प़्ाफीस। बेटे…(अपनी आथि़क मजबूरी की बात वह शब्दों से नहीं] चेहरे से व्यक्त करती है।) पर यह तो अँधोर ही हुआ कि सारा पेपर ठीक हो] फिर भी नंबर काट लो। रजनी ः (रजनी की भौंहों में एकाएक बल पड़ जाते हैं। वह रोते हुए अमित काे खींचकर अपने पास सटा लेती है) रोओ मत। (उसके आँसू पोंछते हुए) अमित रोएगा नहीं…समझे। मैं जो पूछती हूँ उसका जवाब देना। बस।

Section 6 of 'रजनी' by Mannu Bhandari. Read the Hindi passage; use Words tab for hard words.

(कुछ देर #किर) तुझे अच्छी तरह याद है कि तूने पूरा पेपर ठीक किया था\ (अमित स्वीकृति में सिर हिलाता है) पापा के पास दुबारा पेपर करने से पहले दोस्तों से या किताबों से उन सवालों के जवाब तो नहीं देख लिए थे\ अमितः नहीं। ज्यों-के-ऋयों आकर कर दिए थे। हमकाे आते थे वो सारे सवाल। रजनी ः मैथ्स के सर काैन हैं\ अमितः मिस्टर पाठक। रजनी ः कितने लड़के ट्यूशन लेते हैं उनसे\ अमितः बाइस। साल के शु: में तो आठ लेते थे…फिर पहले टमि़नल के बाद से पंद्रह हो गए थे। हाप़्ाफ-ईयरली के बाद सात लड़काें ने और लेना शु: कर दिया। मुझसे भी तभी से कह रहे थे। लीला ः हाप़् फ-ईयरली में तो इसके नाइंटी-सिक्स नंबर आए थे…इसी ने बताया था कि क्लास में सबसे जयादा हैं। रजनी ः उसके बाद भी कहते थे कि ट्यूशन लो\ अमितः हाँ! काॉपी लौटाते हुए कहा था कि तुमने किया तो अच्छा है पर यह तो हाप़्ाफ-ईयरली है…बहुत आसान पेपर होता है इसका तो। अब अगर ईयरली में भी पूरे नंबर लेने हैं तो तुरंत ट्यूशन लेना शु: कर दो। वरना रह जाओगे।

Section 7 of 'रजनी' by Mannu Bhandari. Read the Hindi passage; use Words tab for hard words.

सात लड़काें ने तो शु: भी कर दिया था। पर मैंने जब मम्मी-पापा से कहा] हमेशा बस एक ही जावाब (मम्मी की नकल उतारते हुए) मैथ्स में तो तू वैसे ही बहुत अच्छा है] क्या करेगा ट्यूशन लेकर\ देख लिया अब\ सिक्स्थ पोजीशन आई है मेरी। जो आज तक कभी नहीं आई थी। (अमित की आँखों से फिर आँसू टपक पड़ते हैं।) रजनी ः (डाँटते हुए) फिर आँसू। जानता नहीं] रोने वाले बच्चे रजनी आंटी काे बिलकुल पसंद नहीं। मम्मी ने बिलकुल ठीक ही कहा और ठीक ही किया। जिस विषाय में तुम वैसे ही बहुत अच्छे हो] उसमें क्यों लोगे ट्यूशन\ ट्यूशन तो कमजोर बच्चे लेते हैं। अमितः आप जानती नहीं आंटी…अच्छे-बुरे की बात नहीं होती। अगर सर कहें और बार-बार कहें तो लेनी ही होती है। वरना तो नंबर कम हो ही जाते हैं। रजनी ः पेपर अच्छा करो तब भी नंबर कम हो जाते हैं\ अमितः हाँ] कितना ही अच्छा करो फिर भी कम हो जाते हैं…जैसे मेरे हो गए। रजनी ः यानी कि अच्छा पेपर करने पर भी कम आते हैं। सिप़्ा़फ इसलिए कि ट्यूशन नहीं ली थी!

Section 8 of 'रजनी' by Mannu Bhandari. Read the Hindi passage; use Words tab for hard words.

तो यह तो सर की गलती नहीं] बदमाशी है और तू मम्मी से लड़ रहा है। सर से जाकर लड़। (अमित इस भाव से सिर हिलाता है मानो कितनी बेकार की बात कर रही हैं रजनी आंटी। लीला दो गिलासों में शिकंजी बनाकर लाती है। अमित लेने के लिए हाथ नहीं बढ़ाता तो रजनी घुड़कती है।) रजनी ः चलो पियो शिकंजी। देखते नहीं] चेहरा वैफसे पसीना-पसीना हो रहा है। (दोनों शिकंजी पीने लगते हैं। इस दौरान रजनी कुछ सोच रही है। शिकंजी खऋम करके) कल आप नौ बजे तैयार रहिए अमित साहब…आपके स्कूल चलना है। अमितः (अमित एकदम डर जाता है) कल से तो छु^ी है। पर आप अगर स्कूल जाकर कुछ कहेंगी तो सर मुझसे बहुत गुस्सा हो जाएँगे…वहाँ मत जाइए…प्लीज वहाँ बिलकुल मत जाइए। लीला ः हाँ रजनी तुम कुछ करोगी-कहोगी तो अगले साल कहीं और जयादा परेशान न करें इसे। अब जब रहना इसी स्कूल में है तो इन लोगों से झगड़ा।

Section 9 of 'रजनी' by Mannu Bhandari. Read the Hindi passage; use Words tab for hard words.

रजनी ः (बात काे बीच में ही काटकर गुस्से से) यानी कि वे लोग जो भी जुलुम-जयादती करें] हम लोग चुपचाप बदा़श्त करते जाएँ\ सही बात कहने में डर लग रहा है तुझे] तेरी माँ काे! अरे जब बच्चे ने सारा पेपर ठीक किया है तो हम काॉपी देखने की माँग तो कर ही सकते हैं…पता तो लगे कि आखिर किस बात के नंबर काटे हैं\ अमितः (झुँझलाकर) बता तो दिया आंटी। आप… रजनी ः (गुस्से से) ठीक है तो अब बैठकर रोओ तुम माँ बेटे दोनों। (दनदनाती निकल जाती है। दोनों के चेहरे पर एक असहाय-सा भाव।) लीला ः अब यह रजनी काेई और मुसीबत न खड़ी करे। द्श्य समाप्त नया द्श्य (स्कूल के हैडमास्टर का कमरा। बड़ी-सी टेबल। दीवार के सहारे रखी काँच की अलमारी में बच्चों }ारा जीते हुए कप और शील्ड्स जमे हुए रखे हैं। दीवार पर कुछ नेताओं की तसवीरें] एक बड़ा-सा मैप लटका है। एक स्कूल के हैडमास्टर के कमरे का वातावरण तैयार किया जाए। हैडमास्टर काम में व्यस्त है। चपरासी बड़े अदब से एक चिट लाकर रखता है। हैडमास्टर कुछ क्षण उसे देखता रहता है।) हैडमास्टरः बुलाओ।

Section 10 of 'रजनी' by Mannu Bhandari. Read the Hindi passage; use Words tab for hard words.

(रजनी का प्रवेश नमस्कार करती है।) हैडमास्टरः बैठिए (कुछ देर #किर) कहिए मैं आपके लिए क्या कर सकता हूँ\ रजनी ः मैं सेविंथ क्लास के अमित सक्सेना की मैथ्स की काॉपी देखना चाहती हूँ (हैडमास्टर के चेहरे पर ऐसा भाव जैसे वह कुछ समझा न हो) ईयरली एक्जाम्स की] कल ही जिसका रिजल्ट निकला है। हैडमास्टरः साॉरी मैडम] ईयरली एक्जाम्स की काॉपियाँ तो हम लोग नहीं दिखाते हैं। रजनी ः जानती हूँ मैं] लेकिन बात यह है कि अमित ने मैथ्स का पूरा पेपर ठीक किया था लेकिन उसे कुल बहटार नंबर ही मिले हैं। काॉपी देखकर सिप़्ा़फ यह जानना चाहती हूँ कि अमित काे अपने बारे में कुछ गलतप़् फहमी हो गई थी या (एक-एक शब्द पर जोर देकर) गलती एक्जामिनर की है। हैडमास्टरः (सारी बात काे बहुत हलके ढंग से लेते हुए) आप भी कमाल करती हैं] बच्चे ने कहा और आपने मान लिया। अरे] हर बच्चा घर जाकर यही कहता है कि उसने पेपर बहुत अच्छा किया है और उसे बहुत अच्छे नंबर मिलेंगे। अगर हम इसी तरह काॉपियाँ दिखाने लग जाएँ तो यहाँ तो पेरेंट्स की भीड़ लगी रहे सारे समय।

Section 11 of 'रजनी' by Mannu Bhandari. Read the Hindi passage; use Words tab for hard words.

इसीलिए तो ईयरली एक्जाम्स की काॉपियाँ न दिखाने का नियम बनाया गया है स्कूलों में। रजनी ः (अपने गुस्से पर काबू पाते हुए) देखिए आप चाहें तो अमित का पूरा रिजल्ट देख सकते हैं। मैथ्स में हमेशा सेंट-परसेंट नंबर लेता रहा है। इस साल भी उसने पूरा पेपर ठीक किया है। (तैश आ ही जाता है) काॉपी देखकर मैं सिप़्ा़फ यह जानना चाहती हूँ कि नंबर आखिर कटे किस बात के हैं\ हैडमास्टरः आप बहस करके बेकार ही अपना और मेरा समय बबा़द कर रही हैं। मैंने कह दिया न कि इन काॉपियों काे दिखाने का नियम नहीं है और मैं नियम नहीं तोड़ूँगा। रजनी ः (व्यंग्य से) नियम! यानी कि आपका स्कूल बहुत नियम से चलता है। हैडमास्टरः (गुस्से से) व्हाॉट डू यू मीन\ रजनी ः आई मीन व्हाॉट आई से। नियम का जरा भी खयाल होता तो इस तरह की हरकतें नहीं होतीं स्कूल में। काेई बच्चा बहुत अच्छा है किसी विषाय में फिर भी उसे मजबूर किया जाता है कि वह ट्यूशन ले।

Section 12 of 'रजनी' by Mannu Bhandari. Read the Hindi passage; use Words tab for hard words.

🔒

Model exam answers, grammar & audio

You have read the summary. The board-ready model answers, grammar notes, one-touch audio and writing practice for this chapter are part of Lipi.

Sign in to unlock

See it, understand it, hear it read aloud, then write the exam answer with confidence, for a fraction of a tutor cost.