Lipi

CBSE Class 11 · Hindi 1st Language · आरोह भाग 1

चंपा काले-काले अच्छर नहीं चीन्हती

Chapter summary, hard words and model exam answers for CBSE Class 11 Hindi.

Free online summary and notes for Aroh (CBSE Class 11 Hindi). Read it here, no PDF download needed.

About the author

Nagarjun

Summary

कविताएँ रहेंगी तो @ सपने भी रहेंगे @ जीने के लिए @ सपने सभी काे @ आश्वासन देते हैं @ भँवर में झकाेरे खाती नाव काे @ जैसे-तैसे @ उबार लेते हैं @ कविताएँ @ सपनों के संग ही @ जीवन के साथ हैं @ कभी-कभी पाँव हैं @ कभी-कभी हाथ हैं (मेरा घर) तिालोचन मूल नामः वासुदेव सिंह (उ-प्र-) ताप के ताये हुए दिन] शब्द] उस जनपद का कवि हूँ] अरघान] तुम्हें सौंपता हूँ] चैती] अमोला] मेरा घर] जीने की कला (काव्य)_ देशकाल] रोजनामचा] काव्य और अथ़बोधा] मुक्तिबोधा की कविताएँ (ग|)_ हिंदी के अनेक काेशों के निमा़ण में महऋवपूण़ योगदान महाऋमा गांधाी पुरस्कार (उ-प्र-) निद्नः सन्२००७ हिंदी साहिऋय में तिालोचन प्रगतिशील काव्य धरा के प्रमुख कवि के :प में प्रतिष्ठित हैं। रागाऋमक संयम और लयाऋमक अनुशासन के कवि होने के साथ-साथ ये बहुभाषाविज्ञ शास्ताी भी हैं] इसीलिए इनके नाम के साथ शास्ताी भी जुड़ गया है। लेकिन यह शास्ताीयता उनकी कविता के लिए बोझ नहीं बनती। तिालोचन जीवन में निहित मंद लय के कवि हैं।

Section 1 of 'चंपा काले-काले अच्छर नहीं चीन्हती' by Nagarjun. Read the Hindi passage; use Words tab for hard words.

प्रबल आवेग और ऋवरा की अपेक्षा इनके यहाँ काप़्ाफी कुछ स्थिर है। इनकी भाषा छायावादी :मानियत से मुक्त है तथा उसका ठाट ठेठ गाँव की जमीन से जुड़ा हुआ है। तिालोचन हिंदी में साॉनेट (अंग्रेजी छंद) काे स्थापित करने वाले कवि के :प में भी जाने जाते हैं। तिालोचन का कवि बोलचाल की भाषा काे चुटीला और नाटकीय बनाकर कविताओं काे नया आयाम देता है। कविता की प्रस्तुति का अंदाज कुछ ऐसा है कि वस्तु और :प की प्रस्तुति का भेद नहीं रहता। उनकाकवि इन दोनों के बीच फाँक की गुंजाइश नहीं छोड़ता। चंपा काले काले अच्छर नहीं चीन्हती नामक कविता द्रती संग्रह में संकलित है। यह पलायन के लोक अनुभवों काे मामि़कता से अभिव्यक्त करती है। कविता में ^अक्षरों* के लिए ^काले काले* विशेषाण का प्रयोग किया गया है] जो एक ओर शिक्षा-व्यवस्था के अंतवि़रोधाों काे उजागर करता है तो दूसरी ओर उस दा#ण यथाथ़ से भी हमारा परिचय कराता है जहाँ आथि़क मजबूरियों के चलते घर टूटते हैं।

Section 2 of 'चंपा काले-काले अच्छर नहीं चीन्हती' by Nagarjun. Read the Hindi passage; use Words tab for hard words.

काव्य नायिका चंपा अनजाने ही उस शोषाक व्यवस्था के प्रतिपक्ष में खड़ी हो जाती है जहाँ भविष्य काे लेकर उसके मन मंे अनजान खतरा है। वह कहती है ^कलकटो पर बजर गिरे*। कलकटो पर वज्र गिरने की कामना] जीवन के खुरदरे यथाथ़ के प्रति चंपा के संघषा़ और जीवट काे प्रकट करती है।

Section 3 of 'चंपा काले-काले अच्छर नहीं चीन्हती' by Nagarjun. Read the Hindi passage; use Words tab for hard words.

चंपा काले काले अच्छर नहीं चीन्हती चंपा काले काले अच्छर नहीं चीन्हती मैं जब पढ़ने लगता हूँ वह आ जाती है खड़ी खड़ी चुपचाप सुना करती है उसे बड़ा अचरज होता हैः इन काले चीन्हों से वैफसे ये सब स्वर निकला करते हैं चंपा सुन्दर की लड़की है सुन्दर ग्वाला हैः गायें-भैंसें रखता है चंपा चौपायों काे लेकर चरवाही करने जाती है चंपा अच्छी है चंचल है न ट ख ट भी है कभी कभी उफधाम करती है कभी कभी वह कलम चुरा देती है जैसे तैसे उसे ढूँढ़ कर जब लाता हूँ पाता हूँ अब कागज गायब परेशान फिर हो जाता हूँ चंपा कहती हैः तुम कागद ही गोदा करते हो दिन भर क्या यह काम बहुत अच्छा है यह सुनकर मैं हँस देता हूँ फिर चंपा चुप हो जाती है उस दिन चंपा आई] मैंने कहा कि चंपा] तुम भी पढ़ लो हारे गाढ़े काम सरेगा गांधाी बाबा की इच्छा है- सब जन पढ़ना-लिखना सीखें चंपा ने यह कहा कि मैं तो नहीं पढूँगी तुम तो कहते थे गांधाी बाबा अच्छे हैं वे पढ़ने लिखने की वैफसे बात कहेंगे मैं तो नहीं पढूँगी मैंने कहा कि चंपा] पढ़ लेना अच्छा है ब्याह तुम्हारा होगा] तुम गौने जाओगी] कुछ दिन बालम संग साथ रह चला जाएगा जब कलकटा बड़ी दूर है वह कलकटा वैफसे उसे सँदेसा दोगी वैफसे उसके पता पढ़ोगी चंपा पढ़ लेना अच्छा है !

Section 4 of 'चंपा काले-काले अच्छर नहीं चीन्हती' by Nagarjun. Read the Hindi passage; use Words tab for hard words.

चंपा बोलीः तुम कितने झूठे हो] देखा] हाय राम] तुम पढ़-लिख कर इतने झूठे हो मैं तो ब्याह कभी न क:ँगी और कहीं जो ब्याह हो गया तो मैं अपने बालम काे सँग साथ रखूँगी कलकटा मैं कभी न जाने दूँगी कलकटो पर बजर गिरे। अभ्यास कविता के साथ १- चंपा ने ऐसा क्यों कहा कि कलकटा पर बजर गिरे\ २- चंपा काे इसपर क्यों विश्वास नहीं होता कि गांधाी बाबा ने पढ़ने-लिखने की बात कही होगी\ ३- कवि ने चंपा की किन विशेषाताओं का उल्लेख किया है\ ४- आपके विचार में चंपा ने ऐसा क्यों कहा होगा कि मैं तो नहीं पढ़ँूगी\ कविता के आस-पास १- यदि चंपा पढ़ी-लिखी होती] तो कवि से वैफसे बातें करती\ २- इस कविता में पूवी़ प्रदेशों की स्तिायों की किस विडंबनाऋमक स्थिति का वण़न हुआ है\ ३- संदेश ग्रहण करने और भेजने में असमथ़ होने पर एक अनपढ़ लड़की काे किस वेदना और विपटिा काे भोगना पड़ता है] अपनी कल्पना से लिखिए। ४- तिालोचन पर एन-सी-ई-आर-टी- }ारा बनाई गई पि़्ाफल्म देखिए।

Section 5 of 'चंपा काले-काले अच्छर नहीं चीन्हती' by Nagarjun. Read the Hindi passage; use Words tab for hard words.

शब्द-छवि चीन्हती - पहचानती चीन्हों - चिÞनों] अक्षरों चौपायों - चार पैरों वाले (जानवरों के लिए) यहाँ गाय-भैसों के लिए प्रयुक्त हुआ है कागद - कागाज हारे गाढ़े काम सरेगा - कठिनाई में काम आएगा बालम - पति बजर गिरे - वज्र गिरे] भारी विपटिा आए

Section 6 of 'चंपा काले-काले अच्छर नहीं चीन्हती' by Nagarjun. Read the Hindi passage; use Words tab for hard words.

🔒

Model exam answers, grammar & audio

You have read the summary. The board-ready model answers, grammar notes, one-touch audio and writing practice for this chapter are part of Lipi.

Sign in to unlock

See it, understand it, hear it read aloud, then write the exam answer with confidence, for a fraction of a tutor cost.