Lipi

CBSE Class 12 · Hindi 1st Language · आरोह भाग 2

बादल राग

Chapter summary, hard words and model exam answers for CBSE Class 12 Hindi.

Free online summary and notes for Aroh (CBSE Class 12 Hindi). Read it here, no PDF download needed.

About the author

Suryakant Tripathi Nirala

Summary

सूय़कांत त्पिाठी ^निराला*सूय़कांत त्पिाठी ^निराला*सूय़कांत त्पिाठी ^निराला*सूय़कांत त्पिाठी ^निराला*सूय़कांत त्पिाठी ^निराला* पारिवारिक गाँव-गढ़ाकाेला] (उÂाव] उटार प्रदेश) अणिमा] तुलसीदास] कुकुरमुटा (कविता संग्रह)_ चतुरी चमार] प्रभावती] बिल्लेसुर बकरिहा] चोटी की पकड़] काले कारनामे मतवाला पतिाका का संपादन निधानः सन्१९६१] (इलाहाबाद में) नव गति नव लय ताल छंद नव @ नवल कंठ नव जलद मंद रव @ नव नभ के नव विहग व्ंद काे @ नव पर नव स्वर दे। कविता काे नया स्वर देने वाले निराला छायावाद के ऐसे कवि हैं जो एक ओर कबीर की परंपरा से जुड़ते हैं तो दूसरी ओर समकालीन कवियों के प्रेरणा स्रोत भी हैं। उनका यह विस्त्त काव्य-संसार अपने भीतर संघषा़ और जीवन] क्रांति और निमा़ण] ओज और माधाुय़] आशा और निराशा के }ं} काे कुछ इस तरह समेटे हुए है कि वह किसी सीमा में बँधा नहीं पाता। उनका यह निबएंधा और उदाटा काव्य-व्यक्तिऋव कविता और जीवन में फाँक नहीं रखता। वे आपस में घुले-मिले हैं।

Section 1 of 'बादल राग' by Suryakant Tripathi Nirala. Read the Hindi passage; use Words tab for hard words.

उल्लास-शोक] राग-विराग] उऋथान-पतन] अंधाकार-प्रकाश का सजीव काेलाज है उनकी कविता। जब वे मुक्त छंद की बात करते हैं तो केवल छंद] :ढि़यों आदि के बंधान काे ही नहीं तोड़ते बल्कि काव्य विषाय और युग की सीमाओं काे भी अतिक्रमित करते हैं। विषायों और भावों की तरह भाषा की द्ष्टि से भी निराला की कविता के कई रंग हैं। एक तरप़्ाफ तऋसम सामासिक पदावली और धवन्याऋमक बिंबों से युक्त राम की शक्ति पूजा और कठिन छंद-साद्ना का प्रतिमान तुलसीदास है] तो दूसरी तरप़् फ देशी टिके शब्दों का सोंधापन लिए कुकुरमुटा] रानी और कानी] महँगू महँगा रहा जैसी कविताएँ हैं। बादल राग धिाव्फ जीवन जो @ पाता ही आया विरोधा] कहने वाले निराला उऋकट आऋमशक्ति और अद्भुत जिजीविषा के कवि हंै] जो हार नहीं मानते और निराशा के क्षणों में शक्ति की मौलिक कल्पना कर शक्ति का साधान जुटाते हैं। इसीलिए इस शक्तिसाधय कवि निराला काे वषा़ ऋतु अधिाक आव्फष्ट करती है_ क्योंकि बादल के भीतर स्जन और धवंस की ताकत एक साथ समाहित है।

Section 2 of 'बादल राग' by Suryakant Tripathi Nirala. Read the Hindi passage; use Words tab for hard words.

बादल उन्हें प्रिय है क्योंकि स्वयं उनका व्यक्तिऋव बादल के स्वभाव के करीब है। बादल किसान के लिए उल्लास एवं निमा़ण का तो मजदूर के संदभ़ में क्रांति एवं बदलाव का अग्रदूत है। है। लघुमानव (आम आदमी) के दुख से तास्त कवि यहाँ बादल का आàान क्रांति के :प मंे कर रहा है क्योंकि विप्लव रव से छोटे ही हैं शोभा पाते। किसान मजदूर की आकांक्षाएँ बादल काे नव-निमा़ण के राग के :प पुकार रही हैं। क्रांति हमेशा वंचितों का प्रतिनिदि्ऋव करती है इस अथ़ में भी छोटे काे देखा जा सकता है। अ^ालिका नहीं है रे में भी वंचितों की पक्षधारता की अनुगूँज स्पष्ट है। बादलों के अंग-अंग में बिजलियाँ सोई हैं] वज्रपात से उनके शरीर आहत भी हों तो भी हिम्मत नहीं हारते] बार-बार गिरकर उठते हैं। गिन स्पाशी़] स्पद्धा़-धाीर ये बादल दरअसल वीरों का एक प्रमटा दल दिखाई देते हैं। चूँकि ये विप्लव के बादल हैं] इसलिए गज़न-तज़न अमोघ हैं। गरमी से तपी-झुलसी धारती पर क्रांति के संदेश की तरह बादल आए हैं। हर तरप़्ाफ सब कुछ :खा-सूखा और मुरझाया-सा है।

Section 3 of 'बादल राग' by Suryakant Tripathi Nirala. Read the Hindi passage; use Words tab for hard words.

अकाल की चिंता से व्याकुल किसान ^हाड़-माता* ही रह गए हैं जीण़ शरीर] तास्त नयनमुख । पूरी धारती का त्रदय दग्धा है ऐसे में बादल का प्रकट होना] प्रव्फति में और जगत में] वैफसे परिवत़न घटित कर रहा है कविता इन बिंबों के माधयम से इसका अऋयंत सजल और व्यंजक संकेत करती है। धारती के भीतर सोए अंकुर नवजीवन की आशा में सिर ऊँचा करके बादल की उपस्थिति दज़ कर रहे हैं। क्रांति जो हरियाली लाएगी] उसके सबसे उऋपुफल्ल धारक नए पौधो] छोटे बच्चे ही होंगे। समीर-सागर के विराट बिंब से निराला की कविता शु: होती है। यह इकलौता बिंब इतना विराट और व्यंजक है कि निराला का पूरा काव्य-व्यक्तिऋव इसमें उमड़ता-घुमड़ता दिखाई देता है। इस तरह यह कविता लघुमानव की खुशहाली का राग बन गई है। इसीलिए बादल राग एक ओर जीवन निमा़ण के नए राग का सूचक है तो दूसरी ओर उस भैरव संगीत का] जो नव निमा़ण का कारण बनता है।

Section 4 of 'बादल राग' by Suryakant Tripathi Nirala. Read the Hindi passage; use Words tab for hard words.

सूय़कांत त्पिाठी ^निराला* बादल राग बादल रागबादल राग बादल रागबादल राग तिरती है समीर-सागर पर अस्थिर सुख पर दुख की छाया जग के दग्धा त्रदय पर निद़य विप्लव की प्लावित माया यह तेरी रण-तरी भरी आकांक्षाओं से] घन] भेरी-गज़न से सजग सुप्त अंकुर उर में प्थ्वी के] आशाओं से नवजीवन की] ऊँचा कर सिर] ताक रहे हैं] ऐ विप्लव के बादल! फिर-फिर बार-बार गज़न वषा़ण है मूसलधार] त्रदय थाम लेता संसार] सुन-सुन घोर वज्र-हंुकार। अशनि-पात से शापित उÂत शत-शत वीर] क्षत-विक्षत हत अचल-शरीर] गिन-स्पशी़ स्पद्धा़ धाीर। हँसते हैं छोटे पौधो लघुभार शस्य अपार] हिल-हिल खिल-खिल] हाथ हिलाते] तुझे बुलाते] विप्लव-रव से छोटे ही हैं शोभा पाते। बादल राग अ^ालिका नहीं है रे आतंक-भवन सदा पंक पर ही होता जल-विप्लव-प्लावन] क्षुद्र प्रपुफल्ल जलज से सदा छलकता नीर] रोग-शोक में भी हँसता है शैशव का सुकुमार शरीर। रफद्ध काेषा है] क्षुब्धा तोषा अंगना-अंग से लिपटे भी आतंक अंक पर काँप रहे हैं। धानी] वज्र-गज़न से बादल! तास्त नयन मुख ढाँप रहे हैं।

Section 5 of 'बादल राग' by Suryakant Tripathi Nirala. Read the Hindi passage; use Words tab for hard words.

जीण़ बाहु] है शीण़ शरीर] तुझे बुलाता व्फषाक अधाीर] ऐ विप्लव के वीर! चूस लिया है उसका सार] हाड़-माता ही है आधार] ऐ जीवन के पारावार! अभ्यास कविता के साथ १- अस्थिर सुख पर दुख की छाया पंक्ति में दुख की छाया किसे कहा गया है और क्यों\ २- अशनि-पात से शापित उÂत शत-शत वीर पंक्ति में किसकी ओर संकेत किया गया है\ ३- विप्लव-रव से छोटे ही हैं शोभा पाते पंक्ति में विप्लव-रव से क्या ताऋपय़ है\ छोटे ही हैं शोभा पाते ऐसा क्यों कहा गया है\ ४- बादलों के आगमन से प्रव्फति में होने वाले किन-किन परिवत़नों काे कविता रेखांकित करती है\ व्याख्या कीजिए १- तिरती है समीर-सागर पर अस्थिर सुख पर दुख की छाया जग के दग्धा त्रदय पर निद़य विप्लव की प्लावित माया २- अ^ालिका नहीं है रे आतंक-भवन सदा पंक पर ही होता जल-विप्लव-प्लावन बादल राग कला की बात १- पूरी कविता में प्रव्फति का मानवीकरण किया गया है।

Section 6 of 'बादल राग' by Suryakant Tripathi Nirala. Read the Hindi passage; use Words tab for hard words.

आपकाे प्रव्फति का काैन-सा मानवीय :प पसंद आया और क्यों\ २- कविता में :पक अलंकार का प्रयोग कहाँ-कहाँ हुआ है\ संबंधिात वाक्यांश काे छाँटकर लिखिए। ३- इस कविता में बादल के लिए ऐ विप्लव के वीर!] ऐ जीवन के पारावार! जैसे संबोधानों का किया गया है। जैसे अरे वषा़ के हषा़!] मेरे पागल बादल!] ऐ निबएंधा!] ऐ स्वच्छंद!] ऐ उखाम!] ऐ सम्राट!] ऐ विप्लव के प्लावन!] ऐ अनंत के चंचल शिशु सुकुमार! उपयु़क्त संबोधानों की व्याख्या करें तथा बताएँ कि बादल के लिए इन संबोधानों का क्या औचिऋय है\ ४- कवि बादलों काे किस :प में देखता है\ कालिदास ने मेघदूत काव्य में मेघों काे दूत के :प में देखा। आप अपना काेई काल्पनिक बिंब दीजिए। ५- कविता काे प्रभावी बनाने के लिए कवि विशेषाणों का सायास प्रयोग करता है जैसे- अस्थिर सुख। सुख के साथ अस्थिर विशेषाण के प्रयोग ने सुख के अथ़ में विशेषा प्रभाव पैदा कर दिया है।

Section 7 of 'बादल राग' by Suryakant Tripathi Nirala. Read the Hindi passage; use Words tab for hard words.

ऐसे अन्य विशेषाणों काे कविता से छाँटकर लिखें तथा बताएँ कि ऐसे शब्द-पदों के प्रयोग से कविता के अथ़ में क्या विशेषा प्रभाव पैदा हुआ है\ रफद्ध रफका हुआ क्षुब्धा अशांत] व्रुफद्ध अंक त्रदय शीण़ क्षीण व्फषाक किसान विप्लव क्रांति] बाढ़ दग्धा तप्त] तपा हुआ रण-तरी युद्ध की नौका प्लावित बहा दिया गया भेरी बड़ा ढोल सुप्त सोया हुआ अशनि-पात वज्रपात क्षत-विक्षत लहूलुहान] बुरी तरह से घायल हत घायल] मारा हुआ शस्य हरा शब्द-छवि

Section 8 of 'बादल राग' by Suryakant Tripathi Nirala. Read the Hindi passage; use Words tab for hard words.

🔒

Model exam answers, grammar & audio

You have read the summary. The board-ready model answers, grammar notes, one-touch audio and writing practice for this chapter are part of Lipi.

Sign in to unlock

See it, understand it, hear it read aloud, then write the exam answer with confidence, for a fraction of a tutor cost.