Lipi
Sign in
Classic reading room ↗

Sukta 119

Mandala 10 · 13 rks

13 rks · free forever

Listen to this section

Uses your saved HI voice · Narration settings

  1. Rk 1

    इति॒ वा इति॑ मे॒ मनो॒ गामश्वं॑ सनुया॒मिति॑ कु॒वित्सोम॒स्यापा॒मिति॑

  2. Rk 2

    प्र वाता॑ इव॒ दोध॑त॒ उन्मा॑ पी॒ता अ॑यंसत कु॒वित्सोम॒स्यापा॒मिति॑

  3. Rk 3

    उन्मा॑ पी॒ता अ॑यंसत॒ रथ॒मश्वा॑ इवा॒शवः॑ कु॒वित्सोम॒स्यापा॒मिति॑

  4. Rk 4

    उप॑ मा म॒तिर॑स्थित वा॒श्रा पु॒त्रमि॑व प्रि॒यम् कु॒वित्सोम॒स्यापा॒मिति॑

  5. Rk 5

    अ॒हं तष्टे॑व व॒न्धुरं॒ पर्य॑चामि हृ॒दा म॒तिम् कु॒वित्सोम॒स्यापा॒मिति॑

  6. Rk 6

    न॒हि मे॑ अक्षि॒पच्च॒नाच्छा॑न्त्सुः॒ पञ्च॑ कृ॒ष्टयः॑ कु॒वित्सोम॒स्यापा॒मिति॑

  7. Rk 7

    न॒हि मे॒ रोद॑सी उ॒भे अ॒न्यं प॒क्षं च॒न प्रति॑ कु॒वित्सोम॒स्यापा॒मिति॑

  8. Rk 8

    अ॒भि द्यां म॑हि॒ना भु॑वम॒भी॒३॒॑मां पृ॑थि॒वीं म॒हीम् कु॒वित्सोम॒स्यापा॒मिति॑

  9. Rk 9

    हन्ता॒हं पृ॑थि॒वीमि॒मां नि द॑धानी॒ह वे॒ह वा॑ कु॒वित्सोम॒स्यापा॒मिति॑

  10. Rk 10

    ओ॒षमित्पृ॑थि॒वीम॒हं ज॒ङ्घना॑नी॒ह वे॒ह वा॑ कु॒वित्सोम॒स्यापा॒मिति॑

  11. Rk 11

    दि॒वि मे॑ अ॒न्यः प॒क्षो॒३॒॑ऽधो अ॒न्यम॑चीकृषम् कु॒वित्सोम॒स्यापा॒मिति॑

  12. Rk 12

    अ॒हम॑स्मि महाम॒हो॑ऽभिन॒भ्यमुदी॑षितः कु॒वित्सोम॒स्यापा॒मिति॑

  13. Rk 13

    गृ॒हो या॒म्यरं॑कृतो दे॒वेभ्यो॑ हव्य॒वाह॑नः कु॒वित्सोम॒स्यापा॒मिति॑