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Sukta 19

Mandala 1 · 9 rks

9 rks · free forever

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  1. Rk 1

    प्रति॒ त्यं चारु॑मध्व॒रं गो॑पी॒थाय॒ प्र हू॑यसे म॒रुद्भि॑रग्न॒ आ ग॑हि

  2. Rk 2

    न॒हि दे॒वो न मर्त्यो॑ म॒हस्तव॒ क्रतुं॑ प॒रः म॒रुद्भि॑रग्न॒ आ ग॑हि

  3. Rk 3

    ये म॒हो रज॑सो वि॒दुर्विश्वे॑ दे॒वासो॑ अ॒द्रुहः॑ म॒रुद्भि॑रग्न॒ आ ग॑हि

  4. Rk 4

    य उ॒ग्रा अ॒र्कमा॑नृ॒चुरना॑धृष्टास॒ ओज॑सा म॒रुद्भि॑रग्न॒ आ ग॑हि

  5. Rk 5

    ये शु॒भ्रा घो॒रव॑र्पसः सुक्ष॒त्रासो॑ रि॒शाद॑सः म॒रुद्भि॑रग्न॒ आ ग॑हि

  6. Rk 6

    ये नाक॒स्याधि॑ रोच॒ने दि॒वि दे॒वास॒ आस॑ते म॒रुद्भि॑रग्न॒ आ ग॑हि

  7. Rk 7

    य ई॒ङ्खय॑न्ति॒ पर्व॑तान्ति॒रः स॑मु॒द्रम॑र्ण॒वम् म॒रुद्भि॑रग्न॒ आ ग॑हि

  8. Rk 8

    आ ये त॒न्वन्ति॑ र॒श्मिभि॑स्ति॒रः स॑मु॒द्रमोज॑सा म॒रुद्भि॑रग्न॒ आ ग॑हि

  9. Rk 9

    अ॒भि त्वा॑ पू॒र्वपी॑तये सृ॒जामि॑ सो॒म्यं मधु॑ म॒रुद्भि॑रग्न॒ आ ग॑हि